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Pari Sharma (MS Dhoni Helicopter Shots) Batting Style Updates; Indian Cricketer Hailed Seven-year-old Dangal Girl 2.0 | परी इंडिया के लिए खेलना चाहती हैं, अपने फेवरेट धोनी की तरह हेलिकॉप्टर शॉट मारती हैं

  • परी ने 4 साल की उम्र से खेलना शुरू किया, हर रोज 8-10 घंटे प्रैक्टिस करती हैं
  • परी के पिता और कोच प्रदीप शर्मा 15 साल हरियाणा के लिए क्रिकेट खेल चुके हैं

मनन वाया

मनन वाया

Jun 25, 2020, 06:11 AM IST

रोहतक. रोहतक की रहने वाली परी हरियाणा की धोनी हैं, वो भी 7 साल की। परी ने 4 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था, क्योंकि वो अपने पिता और कोच प्रदीप शर्मा का सपना पूरा करना चाहती हैं। वो सपना है देश के लिए खेलना। वेस्टइंडीज के बैट्समैन शाई होप और इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन भी परी की तारीफ कर चुके हैं। होप ने कहा था कि वो परी जैसा बैट्समैन बनना चाहते हैं। माइकल वॉन परी के फुटवर्क के मुरीद हैं।

पर परी के फेवरेट क्रिकेटर हैं महेंद्र सिंह धोनी। परी भी धोनी की तरह ही हेलिकप्टर लगाती हैं। उनका ऐसा ही एक वीडियो 2 करोड़ से भी ज्यादा लोग देख चुके हैं। भास्कर ने परी और पिता प्रदीप शर्मा से बात की।

  • परी को कोहली और वॉर्न भी अच्छे लगते हैं

परी ने कहा- मैं क्रिकेटर परी शर्मा हूं। मैं 7 साल की हूं और तीसरी कक्षा में पढ़ाई कर रही हूं। मैं ऑलराउंडर हूं और इंडियन क्रिकेट टीम में खेलना चाहती हूं। मेरे पापा ही मुझे कोचिंग देते हैं। धोनी मेरे फेवरेट क्रिकेटर हैं। मुझे विराट कोहली और शेन वॉर्न भी अच्छे लगते हैं। कट और पुल मेरे फेवरेट शॉट हैं। मैं पिछले 3 साल से क्रिकेट खेल रही हूं।

मैं हर रोज 8 से 10 घंटे प्रैक्टिस कर रही हूं। सुबह 5 से 9, दोपहर 2 से 5 और शाम 6 से 8 बजे तक घर पर इनडोर और घर के पास एक ग्राउंड है, वहां भी प्रैक्टिस करती हूं। मैच भी खेलती हूं। मुझे बॉलिंग से ज्यादा बैटिंग करना अच्छा लगता है। अभी में हेलिकॉप्टर शॉट पर काम कर रही हूं।़

  • पिता बोले- बेटी ने घर का एक भी कांच नहीं छोड़ा

प्रदीप शर्मा ने कहा- मैंने हरियाणा के लिए 15 साल क्रिकेट खेला है। यूनिवर्सिटी लेवल पर वीरेंद्र सहवाग और जोगिंदर जैसे दिग्गजों के साथ खेला, लेकिन कभी भी भारतीय टीम के लिए नहीं खेल सका। मुझे हमेशा यह अफसोस होता था कि इंडिया को रिप्रेजेंट नहीं कर सका। मैंने तय किया था कि मुझे बेटा हो या बेटी, उसको क्रिकेटर ही बनाऊंगा।

मैंने बेटी को पहले ही बता दिया है कि मैं कहां तक खेला हूं। मेरी इच्छा है कि तू मेरा सपना पूरा करे। वह तुरंत ही समझ गई। चौंकाने वाली बात तो यह है कि इतनी छोटी उम्र में वह ऐसी लगन के साथ खेल रही है। मुझे लग रहा है कि उसके खेल से मेरा जोश और दर्द दोनों उभर रहा है।

उसने घर का एक भी कांच सुरक्षित नहीं रखा है, सब तोड़ दिए हैं। अभी हम हर रोज गेम इम्प्रूव करने पर काम कर रहे हैं। परी को मेरी तरह कोचिंग कोई नहीं दे सकता। मैं उसको कहीं और भेजनेवाला भी नहीं हूं। जब सही समय आएगा, तब उसे सीधे ही ट्रायल्स के लिए भेजूंगा।

मैं इस बात का हमेशा ध्यान रखता हूं कि मेरा प्यार कहीं उस पर बोझ न बन जाए। मैं समय-समय पर उसकी काउंसलिंग भी करता हूं। वह मुझसे कहती है- पापा, डोंट वरी। आई लव क्रिकेट। मुझे अच्छा लगता है।


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