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Japan’s National Stadium will stage track and field events for the first time in August, the Japan Association of Athletics Federations announced on Tuesday | टोक्यो गेम्स के लिए तैयार नेशनल स्टेडियम में 23 अगस्त को गोल्डन ग्रांप्री रेस होगी, पहले 10 मई को होनी थी

  • जेएएएफ मुताबिक, गोल्डन ग्रांप्री रेस में जापान के टॉप एथलीटों के साथ हाई स्कूल के एथलीट भी हिस्सा लेंगे
  • टोक्यो ओलिंपिक इसी महीने 24 जुलाई से शुरू होने थे, लेकिन कोरोना के कारण एक साल के लिए टाले गए
  • टोक्यो ओलिंपिक एक साल टलने की वजह से जापान को करीब 56 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ

दैनिक भास्कर

Jul 14, 2020, 02:23 PM IST

टोक्यो ओलिंपिक के लिए तैयार किए गए जापान के नेशनल स्टेडियम में पहली बार ट्रैक एंड फील्ड इवेंट होगा। जापान एसोसिएशन ऑफ एथलेटिक्स फेडरेशन (जेएएएफ) ने मंगलवार को इसकी घोषणा की।

इस स्टेडियम में 23 अगस्त को द गोल्डन ग्रांप्री 2020 रेस होगी। पहले यह रेस ओलिंपिक के टेस्ट इवेंट के तौर पर 10 मई को होनी थी, लेकिन कोरोना के कारण इसे टाल दिया गया था। 

सिर्फ जापान के एथलीट भाग लेंगे
जेएएएफ ने एक बयान जारी कर कहा कि यात्रा प्रतिबंधों के कारण इस ग्रां प्री रेस में केवल जापान के एथलीट ही हिस्सा लेंगे। इसमें देश के टॉप एथलीट्स के अलावा हाई स्कूल के एथलीट्स भी हिस्सा लेंगे। क्योंकि इस साल कोरोना के कारण नेशनल हाई स्कूल चैम्पियनशिप या दूसरे सभी इवेंट्स को रद्द कर दिया गया है।

गोल्डन ग्रांप्री रेस देखने के लिए फैन्स को स्टेडियम में आने की इजाजत नहीं होगी। वे टीवी पर लाइव एक्शन देख सकेंगे। 
इस महीने शुरू होने था टोक्यो ओलिंपिक
टोक्यो ओलिंपिक गेम्स इसी महीने 24 जुलाई से शुरू होने वाले थे, लेकिन कोरोनावायरस के कारण ओलिंपिक को एक साल के लिए टाल दिया गया। अब यह 2021 में 23 जुलाई से 8 अगस्त तक होंगे। 

स्टेडियम बनाने में 87 फीसदी लकड़ी का इस्तेमाल हुआ 

टोक्यो गेम्स के लिए तैयार हुआ स्टेडियम में 87% लकड़ी का इस्तेमाल हुआ है। इसमें 2000 घन मीटर देवदार की लकड़ी इस्तेमाल की गई है। यह लकड़ी जापान के उन 47 प्रांत के जंगलों से लाई गई, जो 2011 में आई सुनामी से तबाह हो गए थे।

इसका मकसद है- दर्शक प्रकृति से जुड़े रहें और उन्हें गर्मी न लगे। इसके लिए यहां 185 बड़े पंखे और 8 स्थानों पर कूलिंग नोजल भी लगाए गए हैं। 5 मंजिला मुख्य स्टेडियम करीब 10 हजार करोड़ रु. की लागत से तैयार हुआ है। यहां 60 हजार दर्शक बैठ सकेंगे।

जापान को 56 हजार करोड़ रु. का नुकसान
ओलिंपिक के एक साल टलने से जापान को पहले ही 56 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। साथ ही उस पर 20 करोड़ रुपए का एक्स्ट्रा खर्च भी बढ़ गया है।

टोक्यो ओलिंपिक रद्द होने की अटकलें   
टोक्यो ओलिंपिक के अध्यक्ष योशिरो मोरी ने 12 जून को कहा था कि एक साल के लिए टाले गए ओलिंपिक गेम्स को रद्द करने को लेकर इंटरनेशनल ओलिंपिक कमिटी (आईओसी) के साथ कोई बात नहीं की गई थी। उन्होंने आयोजन समिति की कार्यकारी बोर्ड की बैठक में कहा था कि आईओसी को हर पहलू पर समीक्षा के बाद ही कोई फैसला लेना चाहिए।

ओलिंपिक को 2021 से आगे टालना मुश्किल
व्यस्त शेड्यूल के चलते ओलिंपिक का अगले साल टलना मुश्किल लग रहा है। 2022 में फुटबॉल का वर्ल्ड कप कतर में होना है। वहीं, बीजिंग में 2022 विंटर ओलिंपिक भी होने हैं। ऐसे में अगर कोरोना का खतरा बढ़ता है, तो टोक्यो टलने को टालने की बजाए रद्द करने की पूरी आशंका है। 


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