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Bollywood News In Hindi : Devdas turns 18 Madhuri Dixit pays tribute to Saroj Khan and says I dedicate it to the force behind one of my finest dance performances in the film – Saroj ji | माधुरी दीक्षित ने वीडियो शेयर कर सरोज खान को याद किया, बोलीं- हम सारी रात शूट किया करते थे, शाम 7 बजे से लेकर सुबह होने तक

दैनिक भास्कर

Jul 12, 2020, 07:17 PM IST

फिल्म देवदास को रिलीज हुए रविवार को 18 साल पूरे हो गए। ये फिल्म 12 जुलाई 2002 को रिलीज हुई थी। इस मौके पर फिल्म की एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित ने सोशल मीडिया पर एक भावुक नोट शेयर करते हुए फिल्म के एक गाने ‘मार डाला’ को लेकर दिवंगत कोरियोग्राफर सरोज खान को याद किया। जिनकी मौत हाल ही में 3 जुलाई को हुई थी। अपनी पोस्ट के साथ माधुरी ने एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें वे इसी गाने पर सरोज के साथ डांस करती नजर आ रही हैं।

वीडियो शेयर करते हुए माधुरी ने लिखा, ‘आज जब हम देवदास की रिलीज की 18वीं सालगिरह मना रहे हैं, तो मैं इसे उस शक्ति को समर्पित करना चाहूंगी जो फिल्मों में मेरी सबसे अच्छी डांस परफॉर्मेंस में से एक के पीछे थीं- सरोज जी।’

‘देवदास के सभी गाने ग्रैंड थे’

उन्होंने लिखा, ‘सरोज जी के साथ किसी भी गाने को शूट करना हमेशा की तरह शानदार अनुभव होता था। देवदास बहुत ही स्पेशल फिल्म थी, क्योंकि इस फिल्म के सारे गाने बहुत ही ग्रैंड थे। मैंने कभी उनके साथ इस तरह का गाना नहीं किया था। हमने बहुत सारे इंडियन गाने किये थे, लेकिन इस तरह का क्लासिकल डांस नहीं और सरोज जी सेमी क्लासिकल डांसर थी। वो कहती थीं,”ये जरा कत्थक स्टाइल है, संभाल लेना”। आज वो हमारे साथ नहीं हैं, पर ये वो बातें है जो मुझे हमेशा याद रहेंगी।’

‘मार डाला के कई स्टेप्स बेहद कठिन थे’

आगे उन्होंने लिखा, ‘देवदास के सारे गानों पर हमने बहुत मेहनत की थी। हम सारी रात शूट किया करते थे, शाम 7 बजे से लेकर सुबह होने तक। जब भी मैंने सरोज जी के साथ काम किया, हमने कभी नहीं सोचा कि स्टेप्स कितने आसान हो सकते हैं, पर हमेशा इस बात पर जोर रहा कि हम इसे कितना कठिन कर सकते हैं।

“मार डाला” में भी ऐसे कितने क्षण हैं, जो काफी कठिन थे। ऐसा ही एक स्टेप था जहाँ मुझे अपने घुटने पर घूमना था और नीचे झुककर ‘मार डाला’ स्टेप करना था। पर जब भी मैं अपने घुटने पर घूमती थी, मैं फिसल जाती थी,पर हम बहुत ही निश्चिंत थे कि हम ऐसे ही इस मूवमेंट को करना चाहते हैं। इस गाने को लेकर हम काफी उत्साहित थे।’

सरोज जी ने सारे भाव बहुत सुंदरता से चित्रित किए

माधुरी के मुताबिक, ‘जिस तरह सरोज जी ने ‘मार डाला’ को चित्रित किया, बहुत ही सुन्दर है। इस गाने में ऐसे काफी सारे मूवमेंट्स हैं जो काफी कठिन हैं, एक शॉट ऐसा है जहाँ ‘मार डाला’ चार पांच तरीकों से कहा जाता है। सरोज जी ने आईडिया निकाला कि इसे मूवमेंट्स में करने की जगह क्यों न हम चेहरे से अभिव्यक्त करें?’

‘एक ‘मार डाला’ जैसे आश्चर्य, एक जैसे उदास ‘मार डाला’, फिर एक वैसा जैसे मुझे पता है कि तुम मुझसे प्यार नहीं करते पर मैं करती हूँ। इस तरह से इस गाने में हमनें काफी बार ‘मार डाला’ की अलग-अलग अभिव्यक्ति दिखाई। इस गाने में सुंदरता है, पीड़ा है, खुशी है, इसमें वो सारे भाव हैं जो चंद्रमुखी ने महसूस किए हैं, और सरोज जी ने वो सारे भाव बहुत ही सुंदरता से चित्रित किए।’

आखिरी में माधुरी ने लिखा, ‘मुझे आज भी याद है जब शूट पैकअप हुआ, सरोज जी के चेहरे पर एक अलग ही मुस्कान थी, वो काफी खुश थीं मेरी परफॉरमेंस से।’

3 जुलाई को मुंबई में हुआ था निधन

बता दें कि 3 जुलाई को दिल का दौरा पड़ने से सरोज खान का निधन हो गया था। वे 71 साल की थीं और पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रही थीं। 40 साल से ज्यादा समय के अपने करियर में उन्होंने दो हजार से ज्यादा गानों और सैकड़ों स्टार्स को कोरियोग्राफ किया। श्रीदेवी, माधुरी दीक्षित, मीनाक्षी शेषाद्री, ऐश्वर्या राय समेत कई एक्ट्रेसेस उनके निर्देशन में थिरकती नजर आईं और इन स्टार्स की सफलता का बड़ा क्रेडिट सरोज खान को भी जाता है।

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Today as we mark #18YearsOfDevdas I dedicate it to the force behind one of my finest dance performances in the film – Saroj ji. सरोज जी के साथ किसी भी गाने को शूट करना हमेशा की तरह शानदार अनुभव होता था। देवदास बहुत ही स्पेशल फिल्म थी, क्योकि इस फिल्म के सारे गाने बहुत ही ग्रैंड थे। मैंने कभी उनके साथ इस तरह का गाना नहीं किया था। हमने बहुत सारे इंडियन गाने किये थे, लेकिन इस तरह का क्लासिकल डांस नहीं और सरोज जी सेमी क्लासिकल डांसर थी। वो कहती थी,” ये जरा कत्थक स्टाइल है, संभाल लेना “। आज वो हमारे साथ नहीं हैं , पर ये वो बातें है जो मुझे हमेशा याद रहेंगी। देवदास के सारे गानों पर हमने बहुत मेहनत कि थी। हम सारी रात शूट किया करते थे, शाम 7 बजे से लेकर सुबह होने तक। जब भी मैंने सरोज जी के साथ काम किया, हमने कभी नहीं सोचा की स्टेप्स कितने आसान हो सकते है, पर हमेशा इस बात पर जोर रहा की हम इसे कितना कठिन कर सकते है। “मार डाला” में भी ऐसे कितने क्षण है, जो काफी कठिन थे ऐसा ही एक स्टेप था जहाँ मुझे अपने घुटने पर घूमना था और नीचे झुककर ‘मार डाला’ स्टेप करना था। पर जब भी मैं अपने घुटने पर घूमती थी, मैं फिसल जाती थी,पर हम बहुत ही निश्चित थे कि हम ऐसे ही इस मूवमेंट को करना चाहते हैं। इस गाने को लेकर हम काफी उत्साहित थे जिस तरह सरोज जी ने ‘मार डाला’ को चित्रित किया, बहुत ही सुन्दर है। इस गाने में ऐसे काफी सारे मूवमेंट्स हैं जो काफी कठिन हैं, एक शॉट ऐसा है जहाँ ‘मार डाला’ चार पांच तरीको से कहा जाता है| सरोज जी ने आईडिया निकाला कि इसे मूवमेंट्स में करने के जगह क्यों न हम चेहरे से अभिव्यक्त करें? एक ‘मार डाला’ जैसे आश्चर्य, एक जैसे उदास ‘मार डाला’, फिर एक वैसा जैसे मुझे पता है कि तुम मुझसे प्यार नहीं करते पर मैं करती हूँ इस तरह से इस गाने में हमनें काफी बार ‘मार डाला’ की अलग अलग अभिव्यक्ति दिखाई। इस गाने में सुंदरता है, पीड़ा है, खुशी है, इसमें वो सारे भाव हैं जो चंद्रमुखी ने महसूस किये हैं, और सरोज जी ने वो सारे भाव बहुत ही सुंदरता से चित्रित किये मुझे आज भी याद है जब शूट पैकउप हुआ, सरोज जी के चेहरे पर एक अलग ही मुस्कान थी, वो काफी खुश थी मेरी परफॉरमेंस से|

A post shared by Madhuri Dixit (@madhuridixitnene) on Jul 11, 2020 at 10:32pm PDT




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