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Bollywood News In Hindi : Comedian Jagdeep Funeral At Mazgaon Shia Burial Ground Of Mumbai | कॉमेडियन और एक्टर जगदीप को मुंबई में किया गया सुपुर्द-ए-खाक, बुधवार रात 81 की उम्र में हुआ था इंतकाल

दैनिक भास्कर

Jul 09, 2020, 04:56 PM IST

दिग्गज अभिनेता और कॉमेडियन जगदीप उर्फ सैयद इश्तियाक अहमद जाफरी को मुस्तफा बाजार मझगांव स्थित शिया कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए- खाक किया गया। उनके बेटे जावेद सुबह ही पार्थिव देह को लेकर कब्रिस्तान पहुंच चुके थे। हालांकि, करीब डेढ़ बजे तक परिवार को जगदीप के पोते और जावेद के बेटे मीजान जाफरी के आने का इंतजार करना पड़ा, जो किसी काम के सिलसिले में मुंबई से बाहर थे। 

मीजान जाफरी करीब 1 बजे मुंबई पहुंचे। इसके बाद सीधे कब्रिस्तान पहुंचकर उन्होंने दादा जगदीप को अंतिम विदाई दी।
जगदीप को अंतिम विदाई देने जॉनी लीवर कब्रिस्तान पहुंचे। दोनों ने 2017 में आई फिल्म ‘मस्ती नहीं सस्ती’ में आखिरी बार साथ काम किया था।

बुधवार को हुआ इंतकाल

बुधवार रात करीब 8:30 बजे मुंबई स्थित घर में जगदीप का इंतकाल हुआ। वे अभिनेता जावेद और नावेद जाफरी के पिता थे। उनकी मुस्कान नाम की एक बेटी भी है। बताया जा रहा कि 81 साल के जगदीप लंबे समय से बीमारियों से परेशान चल रहे थे। 

जावेद और उनकी पत्नी गुरुवार सुबह ही पिता की पार्थिव देह को लेकर कब्रिस्तान पहुंच गए थे।
कब्रिस्तान में जावेद और उनके भाई नवेद के साथ जॉनी लीवर।

पॉपुलर किरदार ‘सूरमा भोपाली’ जगदीप की ही खोज था

जगदीप रमेश सिप्पी की फिल्म ‘शोले’ (1975) के किरदार सूरमा भोपाली के नाम से पॉपुलर थे। यह बात कम ही लोग जानते होंगे कि इस किरदार की खोज का क्रेडिट भी उन्हें ही जाता है।

दरअसल, जब ‘शोले’ के राइटर सलीम-जावेद कहानी लिख रहे थे, तब जगदीप ने खुद उन्हें भोपाल के एक फॉरेस्ट ऑफिसर के बारे में बताया था, जिसे सूरमा कहा जाता था। जगदीप ने सूरमा की खासियत के बारे में भी सलीम-जावेद के साथ डिस्कशन किया था, जिन्हें फिल्म में शामिल किया गया। यह खुलासा खुद जगदीप ने एक इंटरव्यू में किया था।

जगदीप ने बतौर निर्देशक किरदार ‘सूरमा भोपाली’ पर 1988 में इसी टाइटल के साथ फिल्म बनाई और उन्होंने ही इसमें मुख्य भूमिका निभाई थी। फिल्म को उनके बेटे नवेद ने प्रोड्यूस किया था। अमिताभ बच्चन, रेखा और धर्मेंद्र ने इसमें कैमियो किया था।

मध्य प्रदेश में जन्मे थे जगदीप

29 मार्च, 1939 को जगदीप का जन्म मध्य प्रदेश के दतिया में हुआ था। उन्होंने बचपन में ही बी. आर. चोपड़ा की फिल्म ‘अफसाना’ से मास्टर मुन्ना के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी।

लगभग 400 फिल्मों में नजर आए जगदीप ने बिमल रॉय की फिल्म ‘दो बीघा जमीन’ से कॉमेडी में कदम रखा था। बाद में उन्हें ‘ब्रह्मचारी’, ‘नागिन’, ‘आर पार’, ‘हम पंछी एक डाल के’, ‘दिल्ली दूर नहीं’ और ‘अंदाज अपना अपना’ जैसी कई फिल्मों में कॉमिक किरदार निभाते देखा गया। 

कॉमेडी के साथ-साथ जगदीप ने रामसे ब्रदर्स की ‘पुराना मंदिर’ और ‘सामरी’ जैसी हॉरर फिल्मों में भी काम किया। जगदीप ने पांच फिल्मों में लीड रोल भी किया था। इनमें ‘बिंदिया’, बरखा’ और ‘भाभी शामिल हैं।

2017 में आई थी आखिरी फिल्म

जगदीप आखिरी बार 2017 में आई फिल्म ‘मस्ती नहीं सस्ती’ में नजर आए थे। अली अब्बास चौधरी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में उनके को-एक्टर प्रेम चोपड़ा, कादर खान, जॉनी लीवर, शक्ति कपूर और रवि किशन थे।


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