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Bihar Police accuses Mumbai Police of not helping in investigation, Mumbai Police officials are not responding to the allegations | बिहार पुलिस का मुंबई पुलिस पर जांच में मदद नहीं करने का आरोप, कोल्ड वॉर को लेकर सवालों से बच रहे मुंबई पुलिस के आला अधिकारी

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ज्योति शर्मा, मुंबई33 मिनट पहले

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बिहार सरकार के एडवोकेट जनरल ललित किशोर ने मुंबई पुलिस की ओर से बिहार पुलिस को मदद नहीं मिलने की बात कही थी। -प्रतीकात्मक फोटो

सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड केस में उनकी गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद बिहार पुलिस की एक टीम इन दिनों मुंबई में है। टीम इस मामले में एक्ट्रेस की भूमिका की जांच कर रही है। हालांकि, इसमें उसे मुंबई पुलिस का साथ नहीं मिल रहा है। बिहार पुलिस ने आरोप लगाया है कि मुंबई पुलिस उन्हें जांच में मदद नहीं कर रही है। इस केस से जुड़ी जानकारी भी मुहैया नहीं करा रही है।

बिहार पुलिस के इन आरोपों को लेकर जब दैनिक भास्कर ने मुंबई पुलिस के डीसीपी पीआरओ शाहजी से बात की तो उन्होंने इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होने से इनकार किया और लोकल डीसीपी से बात करने के लिए कहा। इसके बाद जब हमने डीसीपी अनिल कुंभारे से बात की, तो वो भी इस मामले से कन्नी काटते नजर आए।

आला अधिकारी भी सवालों से बचते नजर आए

इसके बाद जब हमने इसी केस और बिहार पुलिस के आरोपों को लेकर आला अधिकारियों से संपर्क साधने की कोशिश की तो किसी ने इस मुद्दे पर बातचीत नहीं की। ऐसे में ये तो साफ है कि बिहार पुलिस का आरोप निराधार नहीं है वर्ना ऐसी कौन सी बात है, जिस पर मुंबई पुलिस इतनी कन्नी काट रही है। इसी वजह से दोनों के बीच चल रहा शीत युद्ध साफ नजर आने लगा है।

बिहार सरकार के एडवोकेट जनरल ने लगाया था आरोप

इससे पहले, बिहार सरकार के एडवोकेट जनरल ललित किशोर ने मुंबई पुलिस की ओर से बिहार पुलिस को मदद नहीं मिलने की बात कही थी। उन्होंने कहा था, ‘जब एक राज्य की पुलिस दूसरे राज्य में जांच करने जाती है तो संबंधित राज्य सरकार और उनके अधिकारी उन्हें पूरा सहयोग देते हैं। इस केस में दुर्भाग्य से वे (मुंबई पुलिस) कोऑपरेट नहीं कर रहे हैं।’

पोस्‍टमॉर्टम रिपोर्ट, केस डायरी और जब्‍ती सूची भी नहीं सौंपी

पुलिस महकमे के कुछ अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बिहार से चार पुलिस अधिकारी मुंबई आए हैं। वे अपने दम पर कोटक महिंद्रा और एचडीएफसी बैंक जैसी जगहों पर गए और खातों की छानबीन करने की कोशिश की। चारों अधिकारियों के लिए मुंबई नया शहर है।

जहां उन्हें ठहराया गया है, वहां से बांद्रा पुलिस स्टेशन पहुंचने का रास्ता नहीं बताया गया। दो दिन पहले उन्हें डीसीपी ऑफिस बांद्रा से अंधेरी के चक्कर कटवाए जाते रहे। तीन दिन बाद भी न तो उन्हें सुशांत की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिली और न ही केस डायरी। जब्ती की सूची और मोबाइल डाटा भी उन्हें उपलब्ध नहीं कराया गया है।

पुलिस पर रिया की मदद करने का आरोप भी

इससे पहले सुशांत के पिता केके सिंह के वकील विकास सिंह ने मुंबई पुलिस पर रिया चक्रवर्ती की मदद करने का आरोप लगाया था। उन्होंने एक स्टेटमेंट में कहा था, ‘जो रिया कुछ दिन पहले तक सीबीआई जांच की मांग कर रही थीं, जब उनके खिलाफ पटना में एफआईआर हुई तो वे जांच रुकवाने सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई हैं। यह बताता है कि मुंबई पुलिस रिया की मदद कर रही है।’

‘हम मामले की जांच बिहार पुलिस से करवाना चाहते हैं। अगर रिया ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है तो उन्हें मामले की जांच सीबीआई से कराने की अर्जी देनी चाहिए थी।’

सुशांत के पिता ने कराया है मामला दर्ज

25 जुलाई को सुशांत के पिता केके सिंह ने पटना के राजीव नगर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई, जिसका खुलासा तीन दिन बाद यानी 28 जुलाई को हुआ। इसमें उन्होंने रिया चक्रवर्ती, उसके पिता इंद्रजीत चक्रवर्ती, मां संध्या चक्रवर्ती, भाई शोविक चक्रवर्ती और दो मैनेजर सौमिल चक्रवर्ती और श्रुति मोदी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। एफआईआर में मुख्य रूप से आईपीसी की छह धाराओं 341, 342, 380, 406, 420 और 306 का जिक्र किया गया है।

सुशांत के पिता के मुताबिक, उनके बेटे को डर था कि रिया उन्हें उनकी मैनेजर दिशा सलियन (सुशांत की पूर्व मैनेजर जिन्होंने खुदकुशी की थी) के सुसाइड केस में फंसा सकती हैं। क्योंकि, दिशा की मौत के बाद रिया ने उनका नंबर ब्लॉक कर दिया था। सुशांत का आरोप है कि रिया ने एक साल में सुशांत के अकाउंट से 15 करोड़ रुपए निकाले थे। सिंह ने रिया और उनके परिवार पर सुशांत को बंधक बनाने का भी आरोप लगाया है।

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