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Amar Virdi on England vs West Indias Test Series Minority Communities Criceketers Monty Panesarin Graeme Swann in England News Updates | इंग्लैंड के लिए डेब्यू का मौका तलाश रहे स्पिनर अमर विर्दी ने कहा- अल्पसंख्यकों का क्रिकेट में करियर बनाना मुश्किल

  • अमर विर्दी को वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए 30 सदस्यीय ट्रेनिंग ग्रुप में शामिल किया गया है
  • 21 साल के अमर विर्दी को उम्मीद है कि विंडीज के खिलाफ 8 जुलाई से होने वाले पहले टेस्ट में मौका मिलेगा

दैनिक भास्कर

Jun 27, 2020, 11:24 AM IST

इंग्लैंड के स्पिनर अमर विर्दी (21) इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू का मौका तलाश रहे हैं। उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज के लिए 30 सदस्यीय ट्रेनिंग ग्रुप में शामिल किया गया है। अमर विर्दी ने कहा कि इंग्लैंड में अल्पसंख्यकों के लिए क्रिकेट में करियर बनाना थोड़ा मुश्किल है।

अमर विर्दी से पहले मोंटी पनेसर इंग्लैंड के लिए खेल चुके हैं। युवा खिलाड़ी टीम में उनकी जगह को पूरा करना चाहता है। विर्दी ने अपने फेवरेट क्रिकेटर के सवाल पर ग्रीम स्वान और मोंटी पनेसर का ही नाम लिया।

ग्रीम स्वान और मोंटी पनेसर ने मोटिवेट किया

विर्दी ने कहा, ‘‘मैंने बचपन से ही ग्रीम स्वान और मोंटी पनेसर को खेलते हुए देखा है। मैं इन दोनों से ही मोटिवेट होता हूं। मेरा लगाव पनेसर से ज्यादा है, क्योंकि वे मेरे जैसे ही दिखते हैं। खासकर वे मेरे ही समुदाय (सिख) से आते हैं। हम अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं, जो लगभग सभी इंडस्ट्री में मौजूद हैं। जब आप अपने किसी व्यक्ति को दूसरी फील्ड में बेहतर करता देखते हैं, तो आप भी प्रेरित होते हैं। आपके अंदर भी वही भावना आती है कि जब वह इतना अच्छा कर सकता है, तो आप क्यों नहीं।’’

क्रिकेट क्लब जॉइन करने का फैसला सही था
विर्दी ने कहा, ‘‘अल्पसंख्यकों के लिए अपने लोगों के साथ क्रिकेट खेलकर आगे बढ़ना और बड़े क्लब में जगह बनाना बेहद मुश्किल होता है। शुरुआत में मैंने भारतीय जिमखाना जॉइन किया था। इसमें ज्यादातर एशियाई मूल के ही लोग थे। लेकिन जैसे-जैसे आगे बड़ा तो 12 साल की उम्र में सनबरी क्रिकेट क्लब में दाखिला लेना मुश्किल हो गया था। हालांकि, मेरा यह फैसला आज सही साबित हुआ है।’’

23 फर्स्ट क्लास मैच में विर्दी ने 69 विकेट लिए 
विर्दी ने 23 फर्स्ट क्लास मैच में 69 विकेट लिए हैं। इस दौरान उनका औसत 29 से भी कम का रहा है। बड़ी बात यह है कि विर्दी ने लंदन के उस राज्‍य स्‍कूल से पढ़ाई की, जहां क्रिकेट बिल्कुल भी नहीं खेला जाता। बावजूद वे यहां तक पहुंचे हैं। हाल ही में एशियाई मूल के पूर्व इंग्लिश खिलाड़ी विक्रम सौलंकी को सरे क्लब का मुख्य कोच बनाया गया है। तब यह बहस फिर शुरू हो गई थी इंग्लैंड क्रिकेट में अल्पसंख्यकों के टेलेंटेड खिलाड़ियों मौका देने की पहल शुरू हो गई है।


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