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Ali Fazal arrives in studio with team for final dubbing, ‘Mirzapur 2’ preparations on final stage | ‘मिर्जापुर 2’ की तैयारी अंतिम चरण पर, फाइनल डबिंग के लिए टीम के साथ स्टूडियो पहुंचे अली फजल

2 घंटे पहले

बॉलीवुड इंडस्ट्री शूटिंग और पोस्‍ट प्रोडक्‍शन का काम पटरी पर लाने की तैयारी कर रही है। अली फजल और मिर्जापुर 2 की टीम कुछ दिनों से अपने घरों से ही सीरीज की डबिंग का काम कर रही थी मगर अब गुरूवार से सभी ने रिकॉर्डिंग स्‍टूडियो आना शुरू किया। अली, श्वेता त्रिपाठी और सीजन के प्रमुख सदस्यों के अलावा, प्रोडक्शन टीम के लोग भी इसमें शामिल हुए। अभिनेताओं ने सुनिश्चित किया कि वे सभी के साथ सोशल डिस्टेन्सिंग बनाए रखेंगे।

अली ने कहा, “हमने लॉकडाउन से पहले कुछ एपिसोड डब किए थे इसलिए हमने उसी मोड़ से शुरुआत की। वापस काम पर आना बहुत अच्छा था, क्योंकि यह असामान्य रूप से लंबा ब्रेक रहा है। हमने शो की शूटिंग काफी समय पहले की थी, इसलिए हमें थोड़ा समय लगा दोबारा ट्रैक पर आन में। प्रत्येक अभिनेता डबिंग के लिए आमतौर पर अपने वक्त पर आते है, लेकिन हम तब मिले, जब हम सभी का वक्त एक दूसरे के वक्त से टकरा गया था। स्टूडियो अपनी स्वच्छता के बारे में बिलकुल क्लियर है, यह एक समय में एक ही कलाकार की अनुमति देता है। हम पूरी तरह से सैनिटाइज्‍ड स्टूडियो में डबिंग करते हैं। और हमे स्टूडियो की दूसरी तरफ निर्देश दिए जाते हैं। डबिंग की प्रणाली पहले से ही एकांत में ही की जाती है। तो आइसोलेशन में काम आसानी से हुआ। “

डबिंग सेशन के दौरान मास्क लगाकर टीम के साथ पोज करते हुए अली फजल और श्वेता त्रिपाठी।

पूरे लॉकडाउन प्रशंसक हमसे सवाल करते रहेः अली

“हमें हमेशा से कम आंका गया था, लेकिन दर्शकों से हमेशा असीम प्यार मिलता रहा। लेकिन अब महामारी द्वारा नई परिस्थितियों के कारण शो में काफी देरी हो रही है। पूरे लॉकडाउन में प्रशंसक हमसे सवाल करते रहे हैं। हम पर उम्‍मीदें टिकी हुई हैं। महसूस कर सकते हैं और मुझे उम्मीद है कि दर्शक थोड़ा दरियादिल होंगे। पिछले वर्ष ऐसे महान शोज सामने आए हैं कि मुझे अमेजन की विरासत का हिस्सा होने पर बहुत गर्व होगा।”

स्टूडियो में डबिंग करती हुईं श्वेता त्रिपाठी।

महामारी का डर सबके ऊपर घूम रहा है और विशेष रूप ये डर तब से और बढ़ गया है जब से इंडस्ट्री के दो दिग्गज कलाकार कोविड पॉजिटिव पाए गए। लेकिन अली फजल का कहना है, “डर की कोई गुंजाइश नहीं है। मैं काम पर जाने को लेकर बहुत खुश हूं। हम डर के शिकार नहीं हो सकते हैं और ना ही ये हमारा अंत है, जैसा कि हम समझ रहे है। डर से कुछ भी हासिल नहीं है। हमें स्मार्ट, स्वस्थ और बस सतर्क रहने की जरूरत है।”

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